चीन ने कहा- शीत युद्ध की मानसिकता से बाहर निकले अमेरिका, हमारे बारे में अपना रुख सुधारे ट्रम्प प्रशासन

अमेरिका से तल्ख होते रिश्तों के बीच चीन ने एक बयान के जरिए अमेरिका को बर्ताव सुधारने की नसीहत दी। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा- अमेरिका को शीत युद्ध की मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है। कुछ दिन पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने एक बयान में चीन को अमेरिकी हितों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। इसके बाद विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी यही कहा था। अब चीन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

चीन इसलिए नाराज
एस्पर ने कुछ दिन पहले चीन के खतरे को लेकर बयान दिया। यह अमेरिकी डिफेंस मिनिस्ट्री की वेबसाइट पर भी डाला गया। एस्पर ने इसमें चीन को अमेरिका के लिए रूस से भी बड़ा खतरा और चुनौती बताया। एस्पर ने कहा कि चीन हमारे देश के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है और अब उससे निपटने का वक्त आ गया है। पोम्पियो ने कहा कि चीन दुनिया के भूगोल को बदलने की साजिश रच रहा है।

चीन का जवाब
चीन के विदेश मंत्रालय ने एस्पर और पोम्पियो की बातों का जवाब दिया। कहा- अमेरिका में कुछ लोग चीन-अमेरिका पर पहले से बनाई गई राय पर कायम हैं। इन लोगों को कोल्ड वॉर वाला नजरिया बदलना चाहिए। चीन के विकास को सही नजर से देखने की जरूरत है। कुछ लोगों की वजह से दोनों देशों के रिश्ते मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता है चीन
चीन ने बयान में आगे कहा- हमने हमेशा अतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। इस बारे में तो अमेरिका को सोचना चाहिए जो अकसर समझौतों को तोड़ता है और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन्स को नुकसान पहुंचाता है। इस बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि दुनिया इस बारे में सब जान चुकी है। हम चाहते हैं कि मामलों को सही तरह से हल किया जाए। अमेरिका हमारी लीडरशिप पर सवाल उठाना बंद करे क्योंकि उसे चीन के लोगों का समर्थन हासिल है।

चीन और अमेरिका से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं...

1.अमेरिका ने मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए दो एयरक्राफ्ट कैरियर उतारे, इसी इलाके में चीन पहले से कर रहा एक्सरसाइज

2.विदेश मंत्री पोम्पियो ने कहा- चीन के दावों का कोई आधार नहीं, दुनिया उसे वहां अपना जल साम्राज्य मानने की इजाजत नहीं देगी



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फोटो 29 जून 2019 की है। तब जापान के ओसाका में जी-29 समिट हुई थी। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से मुलाकात की थी।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2WBxJ72
https://ift.tt/3eIbp1H

Post a Comment

0 Comments